अमित शाह की रैली… जालंधर BJP में किसकी किस्मत खुलेगी?

30 सितंबर का शक्ति प्रदर्शन… किस नेता का सियासी कद दिखेगा?

रैली खत्म होगी… लेकिन BJP में शुरू होगा टिकट का सियासी हिसाब!

Jalandhar (KartikayeSharma)अमित शाह की रैली… जालंधर BJP में किसकी किस्मत खुलेगी?30 सितंबर की रैली… सिर्फ भीड़ का इम्तिहान नहीं, नेताओं के सियासी कद की परीक्षा!जालंधर की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है—अमित शाह की रैली के बाद BJP में किस नेता का कद बढ़ेगा और किसकी दावेदारी मजबूत होगी?जालंधर की 9 विधानसभा सीटों पर टिकट की दौड़ में कई चेहरे सक्रिय हैं। हर नेता अपने-अपने इलाके से ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ता और समर्थक रैली में लाने की कोशिश में है।लेकिन असली सवाल सिर्फ भीड़ का नहीं है।कौन नेता अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट कर सकता है?कौन संगठन को जमीन पर खड़ा कर सकता है?किस नेता की अपने विधानसभा क्षेत्र में वास्तविक पकड़ दिखाई देती है?30 सितंबर की रैली इन सवालों का जवाब देने वाला बड़ा राजनीतिक मंच बन सकती है। रैली खत्म होगी… लेकिन सियासी हिसाब शुरू होगा!BJP के अंदर टिकट की दावेदारी को लेकर हलचल पहले से है। ऐसे में अमित शाह की मौजूदगी में होने वाला शक्ति प्रदर्शन कई नेताओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।रैली में कौन चमकेगा?कौन भीड़ के साथ अपनी ताकत दिखाएगा?और किस नेता का फीडबैक हाईकमान तक पहुंचेगा?यही आने वाले दिनों की राजनीति में बड़ा सवाल रहेगा।पंजाब में पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जमीनी नेटवर्क तैयार करने पर लगातार जोर है। ऐसे में जालंधर की रैली को संगठनात्मक शक्ति दिखाने के मौके के तौर पर भी देखा जा रहा है।अगर रैली के बाद संगठन में फेरबदल, नई जिम्मेदारियों या नए चेहरों को आगे लाने की कवायद तेज होती है, तो जालंधर के राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं।“टिकट मांगने वाले बहुत होंगे…लेकिन हाईकमान के सामने अपनी ताकत दिखाने वाले कितने?”“रैली का मंच कुछ घंटों का होगा…लेकिन उसका असर टिकट की दौड़ में लंबे समय तक दिखाई दे सकता है!”अब नजर सिर्फ अमित शाह के भाषण पर नहीं… नजर उन नेताओं पर है जो रैली में अपनी सियासी ताकत दिखाने वाले हैं।30 सितंबर के बाद जालंधर BJP की राजनीति में कौन सा चेहरा ऊपर आएगा

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