PIL में CBI जांच की मांग, बुधवार को सुनवाई!
Jalandhar(KartikayeSharma)फगवाड़ा/जालंधर | 29 सितंबर 2026: Lovely Professional University (LPU) में हाल ही में हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी का मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गया है। एक LPU छात्र की ओर से जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। याचिका में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है।
छात्र ने मांगी CBI जांच
रिपोर्टों के मुताबिक, PIL को मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए पेश किया गया। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की डिवीजन बेंच के समक्ष बुधवार को होने की संभावना है।
याचिका में LPU परिसर में हुई हिंसा, संपत्ति को हुए नुकसान और आगजनी समेत पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई गई है। हालांकि, याचिका की पूरी प्रति तत्काल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं थी, इसलिए इसके सभी दावों और राहतों का विस्तृत आकलन अदालत में सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
यौन उत्पीड़न के दावों के बाद शुरू हुआ विवाद
LPU में विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर प्रसारित उन दावों के बाद हुई, जिनमें एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न और बाद में आत्महत्या की बात कही गई थी। इन दावों को लेकर छात्रों में आक्रोश फैल गया और प्रदर्शन शुरू हो गया।
प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया। रिपोर्टों के अनुसार परिसर में तोड़फोड़ हुई, कुछ वाहनों को आग लगाई गई और जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी बाधित किया गया।
विश्वविद्यालय ने आरोपों को बताया अफवाह
LPU प्रशासन ने कथित यौन उत्पीड़न की घटना के दावों को बेबुनियाद और fabricated rumours बताया है। दूसरी ओर, पुलिस ने मामले की जांच के लिए FIR दर्ज करने और विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने की जानकारी दी है। जांच का एक प्रमुख हिस्सा सोशल मीडिया पर फैले दावों और हिंसा के पीछे की परिस्थितियों को समझना है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटनास्थल के वीडियो फुटेज की भी जांच की जा रही है, ताकि हिंसा में शामिल लोगों और घटनाक्रम की भूमिका को स्पष्ट किया जा सके।
LPU में 10 दिन के लिए कक्षाएं बंद
हिंसा के बाद विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए कक्षाएं निलंबित कर दीं। मिड-टर्म परीक्षाओं को भी स्थगित किया गया है। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्रों के कैंपस छोड़ने की खबरें सामने आईं और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
अब हाई कोर्ट की सुनवाई पर नजर
PIL दाखिल होने के बाद LPU हिंसा मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग औपचारिक रूप से हाई कोर्ट तक पहुंच गई है। बुधवार की सुनवाई में अदालत याचिका में उठाए गए मुद्दों और मांगी गई राहतों पर क्या रुख अपनाती है, इस पर अब नजर रहेगी।
फिलहाल यौन उत्पीड़न के मूल आरोपों और हिंसा के पीछे की परिस्थितियों की जांच जारी है। इसलिए इन आरोपों को अंतिम रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं, बल्कि जांच के अधीन दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।









