NRI की मौत… और उसके बाद जमीन की रजिस्ट्रियां?
Jalandhar[KartikayeSharma] AAP पार्षद मनमोहन सिंह राजू के बेटे पर कांग्रेस ने उठाए बड़े सवाल
जालंधर की सियासत में इस वक्त एक जमीन की डील को लेकर बड़ा विवाद छिड़ा हुआ है।
मामला है लद्देवाली की करीब 40 मरले जमीन का और सवाल उठ रहे हैं एक NRI की मौत के बाद हुई रजिस्ट्रियों को लेकर।
कांग्रेस के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीनानाथ प्रधान ने AAP के वार्ड नंबर-20 के पार्षद मनमोहन सिंह राजू, उनके बेटे सुमित सिंह और जसमीत सिंह उर्फ शुभम पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दीनानाथ प्रधान के मुताबिक, अमेरिका निवासी दलमिंदर सिंह मिन्हास ने करीब 40 मरले जमीन के लिए सुमित सिंह के नाम Power of Attorney दी थी।
प्रधान का दावा है कि दलमिंदर सिंह मिन्हास की मौत की सूचना 1 सितंबर 2026 को सामने आई।
और यहीं से पूरा मामला सवालों के घेरे में आ जाता है।
कांग्रेस नेता का आरोप है कि 1 सितंबर से ही जमीन की रजिस्ट्रियां शुरू हो गईं।
इसके बाद 1 सितंबर से 15 सितंबर के बीच 11 सेल डीड होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2 सितंबर को अकेले 7 रजिस्ट्रियां हुईं।
मामले का दूसरा बड़ा सवाल जमीन की मात्रा को लेकर है।
दीनानाथ प्रधान का दावा है कि Power of Attorney करीब 40 मरले जमीन की थी।
लेकिन उनके मुताबिक जिन दस्तावेजों में रजिस्ट्रियों का विवरण है, उनमें कुल जमीन करीब 43 मरला 469 वर्गफुट बताई गई है।
यानी कांग्रेस नेता ने इसी अंतर को लेकर भी जांच की मांग उठाई है।
और कहानी में एक और ट्विस्ट!
दीनानाथ प्रधान ने आरोप लगाया कि कुछ रजिस्ट्रियों में सुमित सिंह की भूमिका रही, जबकि उनके भाई जसमीत सिंह उर्फ शुभम गवाह बने।
प्रधान ने यह भी सवाल उठाया कि जिन लोगों के नाम पर प्लॉट बेचे गए, उनमें से कुछ रजिस्ट्रियों में एक ही दिन कई सौदे हुए।
यही वजह है कि कांग्रेस अब पूरे मामले की जांच की मांग कर रही है।
अब मामला सिर्फ सियासत तक नहीं?
दीनानाथ प्रधान ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर DC, पुलिस कमिश्नर, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो, मुख्यमंत्री कार्यालय, इनकम टैक्स विभाग और ED तक शिकायत पहुंचाएंगे और जांच की मांग करेंगे।
लेकिन कहानी का दूसरा पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
AAP पार्षद का पलटवार — “आरोप निराधार”
पार्षद मनमोहन सिंह राजू ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
राजू ने कहा कि आरोप चुनावी रंजिश के कारण लगाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि जमीन से संबंधित दस्तावेज पूरे हैं और किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई। उन्होंने दीनानाथ प्रधान के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई पर कानूनी सलाह लेने की बात भी कही।
अब असली सवाल यही हैं…
NRI की मौत के बाद हुई रजिस्ट्रियों की असल टाइमलाइन क्या है?
Power of Attorney में कितनी जमीन थी और रजिस्ट्रियों में कितनी जमीन दर्ज हुई?
11 सेल डीड के दस्तावेजों में वास्तव में क्या लिखा है?
और क्या इस पूरे मामले की सरकारी जांच होगी?
फिलहाल ये कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए आरोप हैं, जबकि AAP पार्षद ने इन्हें खारिज किया है।
HASHTAG NETAGIRI का बड़ा सवाल
“11 रजिस्ट्रियां… NRI की मौत… और Power of Attorney पर सवाल?”
जालंधर में जमीन की इस पूरी कहानी का सच आखिर क्या है?









