जालंधर में अवैध निर्माणों का महाघोटाला? निगम कमिश्नर के औचक निरीक्षण से बिल्डिंग ब्रांच में मचा हड़कंप

मॉडल टाउन, मिट्ठापुर और लद्देवाली में 100+ कथित अवैध कमर्शियल निर्माणों पर बड़ा खुलासा!

जालंधर: शहर में कथित अवैध निर्माणों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम कमिश्नर निकास कुमार द्वारा मॉडल टाउन, मिट्ठापुर और लद्देवाली क्षेत्र में किए गए औचक निरीक्षण के बाद बिल्डिंग ब्रांच में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कई ऐसे निर्माणों पर सवाल उठे, जिनके बारे में आरोप है कि रिहायशी मंजूरी होने के बावजूद उनका उपयोग कमर्शियल गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, शहर के विभिन्न इलाकों में 100 से अधिक कथित अवैध कमर्शियल निर्माण जांच के दायरे में आ सकते हैं। चर्चा है कि निरीक्षण के बाद बिल्डिंग ब्रांच के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार भी लटक रही है। हालांकि, नगर निगम की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

रिहायशी नक्शा, लेकिन बन रहे कमर्शियल शोरूम?

शहर में तेजी से बन रही दुकानों, शोरूम और छोटी-छोटी मार्केटों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर रिहायशी नक्शों की मंजूरी लेकर कमर्शियल निर्माण किए गए, जिससे नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ नगर निगम के राजस्व को भी नुकसान पहुंचा।

मिट्ठापुर में उठे गंभीर सवाल

मिट्ठापुर क्षेत्र में आरोप लगाए जा रहे हैं कि रिहायशी मंजूरी के बावजूद कमर्शियल निर्माण किए गए। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो नगर निगम को लाखों रुपये के संभावित राजस्व नुकसान का मामला सामने आ सकता है। साथ ही संबंधित अधिकारियों और बिल्डरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

लद्देवाली रोड पर भी जांच की मांग

लद्देवाली रोड स्थित यूनिवर्सिटी कैंपस के आसपास बने कई कमर्शियल निर्माण भी चर्चा में हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां बड़ी संख्या में दुकानों और मार्केटों का निर्माण हुआ, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब इन मामलों की भी जांच की मांग तेज हो गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल

अब शहरवासियों की नजर इस बात पर है कि क्या कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रहेगी, या फिर पूरे कथित नेटवर्क की निष्पक्ष जांच होगी। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं, तो क्या जिम्मेदार बिल्डरों, प्रॉपर्टी डीलरों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी?

नोट: इस समाचार में उल्लिखित कई आरोप और चर्चाएं विभिन्न स्रोतों एवं स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारियों पर आधारित हैं। संबंधित मामलों में नगर निगम या अन्य सक्षम प्राधिकरण की आधिकारिक जांच और पुष्टि होना शेष है।

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