जालंधर के सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर में हाल ही में हुए कथित उपद्रव, पत्थराव और हंगामे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टरों सहित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच में अब तक 18 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जबकि अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच लगातार जारी है।
पुलिस इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि आखिर इन लोगों को मंदिर परिसर तक किसने बुलाया, किसके कहने पर उनकी एंट्री हुई और पूरे घटनाक्रम के पीछे किसकी भूमिका रही। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं।
परबंधक कमेटी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद श्री देवी तालाब परबंधक कमेटी ने पंजाब के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। कमेटी का कहना है कि धार्मिक स्थल की गरिमा भंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
कमेटी ने यह भी मांग उठाई है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत की जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो।
कौन लाया गैंगस्टरों को मंदिर? अब इसी सवाल पर टिकी जांच
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि धार्मिक स्थल में कथित तौर पर गैंगस्टरों की एंट्री कैसे हुई और उन्हें वहां तक पहुंचाने या बुलाने के पीछे कौन लोग थे। पुलिस अब इस एंगल पर विशेष फोकस कर रही है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। श्रद्धालुओं और धार्मिक संगठनों का कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर हुई इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।









