लुधियाना |
पंजाब के लुधियाना से एक दिल दहला देने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां किन्नरों के दो गुटों के बीच बधाई के पैसे को लेकर हुआ विवाद हैवानियत की हदें पार कर गया। आरोप है कि महंतों के डेरे में काम करने वाले 21 वर्षीय रसोईए मनप्रीत सिंह का अपहरण कर उसके गुप्त अंग काट दिए गए।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित मनप्रीत सिंह के अनुसार, वह महंतों के साथ खानपुर गांव में एक शादी समारोह में बधाई लेने गया था। वहां रबीना महंत के नेतृत्व वाले दूसरे गुट ने यह कहते हुए झगड़ा शुरू कर दिया कि यह इलाका उनका है।
विवाद इतना बढ़ गया कि कैंची और चाकू से हमला किया गया और डेहलों थाना में इसकी शिकायत भी दर्ज करवाई गई थी। आरोपियों ने मनप्रीत को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।
नशीला पदार्थ सुंघाकर किया अपहरण
मनप्रीत ने बताया कि 24 जनवरी की सुबह करीब 8:30 बजे, वह नाश्ता बनाने के बाद रोज गार्डन की ओर सैर पर निकला था।
इसी दौरान अस्पताल के पास आरोपियों ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाया और जबरन कार में डालकर अगवा कर लिया।
दो दिन बंधक बनाकर की दरिंदगी
आरोप है कि मनप्रीत को दो दिन तक बंधक बनाकर रखा गया।
26 जनवरी की रात, आरोपियों ने तेजधार हथियार से उसके गुप्त अंग काट दिए और उसे खून से लथपथ हालत में सड़क पर फेंक कर फरार हो गए।
राहगीरों की मदद से उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया। फिलहाल युवक की हालत नाजुक बनी हुई है।
10 आरोपियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने बयान के आधार पर धारा 118(1), 118(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
मुख्य आरोपी रबीना महंत सहित जिन पर केस दर्ज हुआ है, वे हैं:
रबीना महंत (मुख्य आरोपी)
सुहाना
मोना
सिम्मी
कनिका
रहमत
शिव कुमार
दिलावर
हिफाजत
पूजा
(सभी आरोपी लुधियाना के निवासी बताए जा रहे हैं)
आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी
थाना डिवीजन नंबर 3 के जांच अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि
“पीड़ित के बयान और शुरुआती सबूतों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। युवक की हालत गंभीर है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।”
कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह घटना न सिर्फ इंसानियत को शर्मसार करती है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाकर पीड़ित को न्याय दिला पाती है।
ऐसी दरिंदगी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है।









