विधायक रहते घोटाले पर घोटाले!

AAP विधायक रमन अरोड़ा का एक और घपला आया सामने

रिश्तेदार के नाम पर दुकानें हड़पीं, पेमेंट दबाई

विजिलेंस ने शुरू की जांच

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भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार आप विधायक रमन अरोड़ा की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहीं। एक के बाद एक फर्जीवाड़ों के खुलासे हो रहे हैं। ताज़ा मामला नाज़ सिनेमा मार्केट से जुड़ा है, जहाँ दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि अरोड़ा ने अपने रिश्तेदार के नाम पर 2 दुकानें रजिस्ट्री करवा लीं, लेकिन अब तक पूरी पेमेंट नहीं की गई।

चेक नंबर डलवाए, मगर पैसे आज तक नहीं मिले

पीड़ित प्रवेश कत्याल, एक प्रतिष्ठित प्रॉपर्टी कारोबारी, ने विजिलेंस को दी गई शिकायत में कहा कि मार्केट में बनी दो दुकानों का सौदा रमन अरोड़ा ने खुद करवाया। सौदे के दौरान बैंक चेक नंबर रजिस्ट्री में डलवा दिए गए, लेकिन चेक कभी क्लियर नहीं हुए। भरोसे में लेकर “गुड फेथ” में रजिस्ट्री करवा ली गई।

एक दुकान की हुई पेमेंट, दूसरी की फंसी

सूत्रों के मुताबिक एक दुकान की बैंक पेमेंट हो गई है, लेकिन दूसरी दुकान की पेमेंट अभी बकाया है। जब विधायक को विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया, तब पीड़ितों को डर लगा कि कहीं वे ठगी का शिकार तो नहीं हो गए।

“रिश्तेदार को दिलवानी हैं दुकानें” – कहकर करवाया था सौदा

शिकायत में बताया गया कि रमन अरोड़ा ने एक रसूखदार नेता के तौर पर सौदे में दखल दिया और खुद को बीच में रखकर डील करवाई। लेकिन जब रजिस्ट्री की बारी आई तो बैंक पेमेंट की बजाय सिर्फ चेक नंबर डलवा दिए गए। मौखिक आश्वासन दिया गया कि पैसे तय समय पर मिल जाएंगे – लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

🔎 विजिलेंस की बड़ी जांच शुरू

इस मामले के बाद विजिलेंस को शक है कि रमन अरोड़ा ने विधायक रहते हुए कई बेनामी संपत्तियां अपने रिश्तेदारों व करीबियों के नाम करवाई हैं, जिनमें से ज़्यादातर में बैंक पेमेंट नहीं की गई।
अब सभी रजिस्ट्रियों की जांच शुरू हो गई है। करोड़ों की बेनामी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है।

📢 विजिलेंस एसएसपी का बयान

एसएसपी हरप्रीत सिंह मंडेर ने बताया कि शिकायत खुद पीड़ितों ने सामने आकर दी है, और उसकी जांच शुरू हो गई है। अगर जांच में गड़बड़ियां साबित होती हैं, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।

⚠️ बड़ा सवाल:

क्या आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर करोड़ों की बेनामी संपत्तियों पर कब्जा जमा लिया?
क्या यह एक व्यक्तिगत धोखाधड़ी है या फिर सिस्टम के भीतर फैले भ्रष्टाचार की गहरी साज़िश?

📌 जांच जारी है, पर परतें खुलनी शुरू हो चुकी हैं।
आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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