जालंधर में सुबह की शुरुआत ही एक बड़े धमाके से हुई।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की अचानक हुई छापेमारी ने उस नेटवर्क की नींव हिला दी,
जो युवाओं को अमेरिका भेजने के नाम पर
डंकी रूट के ज़रिये करोड़ों का अवैध धंधा चला रहा था।
Richie Travel Agency (जालंधर)
पंजाब–हरियाणा–दिल्ली के 13 ठिकाने
हर जगह एक ही कहानी —
सपने बेचो, ज़िंदगी गिरवी रखवाओ और काला पैसा बनाओ!
रेड में क्या-क्या मिला?
▪️ 4.62 करोड़ रुपये नकद
▪️ 6 किलो सोने के बिस्किट
▪️ 313 किलो चांदी
कुल बरामदगी: करीब 19.13 करोड़ रुपये
यह कार्रवाई सीधे जुड़ती है
फरवरी 2025 में अमेरिका से 330 भारतीयों के डिपोर्टेशन केस से।
यानी जिन सपनों को “लीगल प्रोसेस” बताया गया,
वो असल में अवैध रूट और हवाला नेटवर्क निकले।
मोबाइल चैट, डिजिटल डेटा और दस्तावेज़
ईडी के हाथ ऐसे सबूत लगे हैं,
जिनमें टिकट बुकिंग, रूट तय करने और पैसों की डील तक दर्ज है।
हरियाणा में तो हालात ये थे कि
ज़मीन और प्रॉपर्टी के काग़ज़ गिरवी रखवाए जाते थे,
ताकि कोई पीड़ित पीछे न हट सके।
अब सवाल बड़े हैं:
क्या यह सिर्फ़ ट्रैवल एजेंट्स का खेल था?
या इसके पीछे कोई और बड़ा नेटवर्क भी शामिल है?
कितने घरों की ज़िंदगी इस ‘डंकी रूट’ ने तबाह की?
ED की फोरेंसिक जांच जारी है…
और संकेत साफ हैं —
यह मामला अभी और बड़े चेहरों तक जाएगा।









