जालंधर से इस वक्त की सबसे सनसनीख़ेज़ खबर सामने आ रही है। शहर के कुछ जाने-माने और प्रभावशाली नाम अचानक कानून के शिकंजे में आ गए हैं। माननीय अदालत के एक आदेश ने मेडिकल और प्रोफेशनल सर्कल में हड़कंप मचा दिया है। सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि कोर्ट को सीधे FIR दर्ज करने के आदेश देने पड़े? इसी रहस्य के पीछे छिपी है एक ऐसी कहानी, जो अब सबके सामने आने वाली है…
दरअसल, अदालत ने डॉ. पंकज त्रिवेदी बनाम स्टेट से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए जालंधर के चार प्रमुख डॉक्टरों – डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. संजय मित्तल, डॉ. अनवर इब्राहिम और चार्टर्ड अकाउंटेंट संदीप कुमार सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
माननीय अदालत ने SHO थाना नवी बारादरी, जालंधर को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए और मामले की उच्च स्तर पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
कोर्ट के आदेशों के अनुसार, इन सभी के खिलाफ IPC की धारा 420, 465, 467, 468, 471 और 477 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा, जो धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे गंभीर आरोपों की ओर इशारा करता है।
बताया जा रहा है कि इस मामले में शिकायतकर्ता डॉ. पंकज त्रिवेदी की ओर से एडवोकेट मनित मल्होत्रा ने अदालत में दमदार दलीलें पेश कीं, जिसके बाद कोर्ट ने FIR दर्ज करने के सख़्त आदेश जारी किए।
अब बड़ा सवाल ये है—
क्या जालंधर में नाम और रसूख कानून से ऊपर माने जा रहे थे?
या अब सच की परतें एक-एक कर सामने आएंगी?
इस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़े हर बड़े खुलासे के लिए जुड़े रहिए…
क्योंकि ये मामला अभी और तूल पकड़ने वाला है ।









