गुरदासपुर | बड़ी कार्रवाई
पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विजिलेंस ब्यूरो ने एक और सख्त कदम उठाया है। गुरदासपुर में जिला टाउन प्लानर (DTP) रितिका अरोड़ा को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर यह कार्रवाई उनके दफ्तर में ही अंजाम दी।
प्रति प्लॉट एक लाख की मांग
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, शिकायतकर्ता गुरजीत सिंह (निवासी: गांव लेहल) ने अपनी 7 कनाल 17.5 मरले जमीन पर तैयार किए गए प्लॉटों की रजिस्ट्री के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि रितिका अरोड़ा ने प्रति प्लॉट एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की और काम को जानबूझकर टालती रहीं।
“दस्तावेज सही हैं, लेकिन काम मुफ्त नहीं”
शिकायतकर्ता के मुताबिक, पूछताछ पर अधिकारी ने कहा कि दस्तावेज पूरे हैं, लेकिन कॉलोनी मंजूरी मुफ्त में नहीं हो सकती। रिश्वत देने से इनकार करने पर गुरजीत सिंह ने विजिलेंस ब्यूरो यूनिट गुरदासपुर से संपर्क किया।
दफ्तर में ट्रैप, रंगे हाथ गिरफ्तारी
विजिलेंस ने योजना बनाकर ट्रैप लगाया और एक लाख रुपये लेते समय रितिका अरोड़ा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
➡️ मामले की जांच जारी है
➡️ आरोपित को अदालत में पेश किया जाएगा
बिल्डर्स-कॉलोनाइजर गठजोड़ की भी जांच
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार अधिकारी के जालंधर के एक कॉलोनाइजर व बिल्डर्स से कथित संबंध सामने आए हैं। आरोप है कि कपूरथला में होटल व कई प्रोजेक्ट्स उनकी मेहरबानी से मंजूर हुए। विजिलेंस इस एंगल की भी गहराई से जांच कर रही है।
निष्कर्ष:
यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि पंजाब सरकार घूसखोरी के खिलाफ सख्त है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।









