चंडीगढ़ में मेयर चुनाव को लेकर आज राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
मेयर पद के लिए नामांकन आज ही दाखिल किए जाएंगे, जिसके लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।
सिर्फ एक दिन का नामांकन, बढ़ी रणनीतिक हलचल
खास बात यह है कि नामांकन के लिए केवल एक ही दिन तय किया गया है।
हैरानी की बात यह भी है कि अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने मेयर उम्मीदवार का औपचारिक ऐलान नहीं किया है, जिससे आखिरी वक्त तक रणनीति बदलने की संभावना बनी हुई है।
AAP–कांग्रेस की संभावित साझेदारी से BJP की बढ़ी चिंता
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी को चुनौती देने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस एक बार फिर साथ आ सकती हैं।
दोनों दलों के बीच गठबंधन या आपसी समझौते को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं।
हाल ही में AAP द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।
दलबदली के डर से AAP पार्षद होटल में कैद
AAP को इस चुनाव में पार्षदों की खरीद-फरोख्त और दलबदली का शक है।
इसी वजह से पार्टी ने अपने सभी 11 पार्षदों को पंजाब के रोपड़ स्थित एक होटल में ठहराया है।
पार्षदों के मोबाइल फोन बंद
नामांकन या प्रस्तावक बनने वाले पार्षद ही आज चंडीगढ़ लाए जाएंगे
चुनाव खत्म होने तक पार्षदों को शहर से बाहर रखने की तैयारी
कांग्रेस भी अलर्ट, लगातार बैठकों का दौर
कांग्रेस भी पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी और प्रदेश अध्यक्ष एच.एस. लक्की लगातार पार्षदों के साथ बैठकें कर रहे हैं।
एच.एस. लक्की ने साफ किया है कि यह गठबंधन नहीं बल्कि आपसी समझौता होगा।
प्रस्तावित फॉर्मूला:
मेयर पद – AAP
सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर – कांग्रेस
पहली बार हाथ उठाकर होगा मतदान
इस बार मेयर चुनाव की प्रक्रिया भी बदली हुई होगी।
पहली बार मतदान सीक्रेट बैलेट से नहीं, बल्कि हाथ उठाकर किया जाएगा।
हालांकि, यह मतदान खुले सदन में होगा या बंद कमरे में, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
इस बदलाव ने चुनाव को और भी रोमांचक और संवेदनशील बना दिया है।
मेयर चुनाव का गणित – कांटे की टक्कर
चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षदों और 1 सांसद का वोट मान्य होता है।
मेयर बनने के लिए 19 वोट जरूरी हैं।
वर्तमान स्थिति:
BJP – 18 पार्षद
AAP – 11 पार्षद
कांग्रेस – 6 पार्षद + 1 सांसद वोट
AAP और कांग्रेस साथ आती हैं तो दोनों के पास 18-18 वोट होंगे, जिससे मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांचक हो गया है।









