सत्ताधारी पार्टी से आए पूर्व विधायक बनाम अकाली दल से आए नेता — चुनाव से पहले BJP की साख पर बड़ा तमाचा!
जालंधर में भारतीय जनता पार्टी का “अनुशासन और संस्कृति” का दावा उस वक्त ध्वस्त हो गया, जब सर्किट हाउस में पार्टी की बैठक के दौरान दो पूर्व विधायक आपस में भिड़ गए। मामला सिर्फ तीखी बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खुलेआम कुर्सियां चलने लगीं और जमकर गाली-गलौच हुई। यह पूरा घटनाक्रम पार्टी के लिए किसी बड़े राजनीतिक झटके से कम नहीं माना जा रहा।
सूत्रों के मुताबिक, झगड़े में शामिल एक पूर्व विधायक हाल ही में सत्ताधारी पार्टी छोड़कर BJP में शामिल हुआ है, जबकि दूसरा नेता अकाली दल से टूटकर भाजपा का दामन थाम चुका है। दोनों ही नेता पहले से ही अपने आक्रामक रवैये और झगड़ालू छवि के लिए जाने जाते हैं। अब इन दोनों की भिड़ंत ने BJP की अंदरूनी कलह को सरेआम उजागर कर दिया है।
सबसे गंभीर बात यह है कि यह सब कुछ किसी सड़क या निजी स्थान पर नहीं, बल्कि सर्किट हाउस जैसे आधिकारिक स्थल पर हुआ, जहां पार्टी की रणनीति और संगठन को मजबूत करने की बात होनी थी। इसके उलट, यहां जो हुआ उसने पार्टी की जमकर किरकिरी करवा दी और कार्यकर्ताओं से लेकर आम जनता तक गलत संदेश गया।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं BJP को सीधा नुकसान पहुंचा रही हैं। जनता के बीच यह सवाल गूंजने लगा है कि जो नेता आपस में ही संयम और मर्यादा नहीं रख पा रहे, वे प्रदेश और शहर की जिम्मेदारी कैसे संभालेंगे?
अब निगाहें पार्टी हाईकमान पर टिकी हैं —
क्या इन दोनों पूर्व विधायकों पर सख्त कार्रवाई होगी,
या फिर यह मामला भी “अंदरूनी अनुशासन” के नाम पर दबा दिया जाएगा?
फिलहाल इतना तय है कि इन दो झगड़ालू चेहरों की आपसी लड़ाई ने जालंधर में BJP को भारी राजनीतिक नुकसान पहुंचाया है और चुनावी माहौल में पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।









