जगतार सिंह संघेडा ने पंजाब की सियासत में तूफ़ान खड़ा कर दिया है।ट्रस्ट में हुई 13 संदिग्ध नियुक्तियों का मामला अब सीधे पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के एडीसीपी की मेज़ पर है—और संघेडा ने अपनी पोस्ट में साफ़ कह दिया है कि ये कोई मामूली गड़बड़ नहीं… ये पंजाब का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला हो सकता है।संघेडा का आरोप है कि इस खेल में वरिष्ठ अफ़सरों से लेकर ऊँचे राजनीतिक चेहरे तक शामिल हो सकते हैं।उनका दावा जितना सीधा है, उतना ही खतरनाक:“अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच हुई, तो आधा सिस्टम नंगे पाँव भागेगा — क्योंकि ये घोटाला सिर्फ़ नियुक्तियों का नहीं, पूरे तंत्र की सड़ांध का सबूत बन सकता है।”उन्होंने कहा कि 13 नियुक्तियों के पीछे फर्जीवाड़े, फर्जी अप्रूवल, पावर का दुरुपयोग और राजनीतिक संरक्षण की पूरी चेन उजागर होने की संभावना है।संघेडा ने सरकार और एजेंसियों दोनों को कटघरे में खड़ा करते हुए लिखा:“अब देखना ये है—विजिलेंस सच का पीछे भागेगी या सत्ता के इशारे पर फ़ाइलों को ठंडे बस्ते में डाले रखेगी।”इस शिकायत के बाद हलकों में भूचाल है, और एक बात साफ़ है—ये मामला सिर्फ़ 13 नियुक्तियों का नहीं, बल्कि पंजाब की प्रशासनिक ईमानदारी पर सीधा हमला है।









