विधायक बनने के बाद रिश्तेदार की 20 गुना कमाई
काले पैसे को सफेद करने का पर्दाफाश
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जालंधर में विजिलेंस की जांच ने बड़ा खुलासा किया है—विधायक रमन अरोड़ा के रिश्तेदार और जगदंबे फैशन हाउस के मालिक का कारोबार महज़ दो साल में 20 गुना बढ़ गया! सूत्रों का दावा है कि इस ताबड़तोड़ ग्रोथ के पीछे विधायक की ‘प्लानिंग’ थी और पूरा खेल काले धन को सफेद करने का था।
विजिलेंस के हाथ लगे बैंक दस्तावेज़ बताते हैं कि रमन अरोड़ा के रिश्तेदार की सूरत की एक कंपनी से लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है। जांच में यह भी सामने आया कि सूरत की कंपनी सिर्फ कागज़ों में मौजूद थी—असल में सारे सूट जालंधर की एक किराए की फैक्टरी में डिजाइन और सिलाए जाते थे। बाद में सूरत की फर्जी कंपनी के टैग लगाकर उन्हें पैक किया जाता और मार्केट में ‘सूरत से आया सूट’ बताकर बेचा जाता था।
दो साल में कारोबार 12 करोड़ तक पहुंचा!
जिनका कारोबार दो साल पहले लाखों में था, आज वो 12 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। यही नहीं, विधायक ने जालंधर के अन्य दुकानदारों को भी इसी फर्जी ब्रांड के सूट सप्लाई किए। दुकानदारों को हकीकत पता थी, लेकिन ग्राहकों को सूरत का माल बताकर ऊंचे दामों में बेचा गया।
करोड़ों की ज़मीनें और फैक्ट्रियां भी खरीदीं
रमन अरोड़ा ने अपने रिश्तेदार के नाम पर नागरा फाटक के पास 80 मरले की ज़मीन और रणवीर क्लासिक के पास करोड़ों का प्लॉट खरीदा। बस्ती बावा खेल इलाके में चल रही फैक्टरी में इस वक्त 150-200 कारीगर काम कर रहे हैं। अगर विधायक की गिरफ्तारी न होती, तो दोनों फैक्ट्रियां जल्द ही शिफ्ट हो जातीं।
विजिलेंस को कई प्रॉपर्टीज़ के दस्तावेज़, तस्वीरें और सबूत मिल चुके हैं। इस घोटाले में कई और लेडीज सूट कारोबारी और विधायक के साझेदार भी जांच के घेरे में आ सकते हैं।
फुटबॉल चौक की प्रॉपर्टी भी जांच के दायरे में
फुटबॉल चौक की एक विवादित प्रॉपर्टी भी अब रडार पर है। बताया जा रहा है कि इसमें डॉक्टर और अन्य लोगों का झगड़ा चल रहा था, जिस पर विधायक ने कथित तौर पर दबाव बनाकर जमीन सस्ते में हथिया ली। इस ज़मीन पर होटल बनने की योजना थी। अब सवाल उठ रहा है कि ये पैसा कहां से आया?
रामामंडी की पांच मंजिला इमारत पर भी उठे सवाल
वहीं, रामामंडी की पांच मंज़िला इमारत के मालिक ने कहा है कि निर्माण कार्य नहीं चल रहा, सिर्फ आंधी से गिरी शटरिंग को दुरुस्त किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों को इस इमारत पर भी शक है और इसकी भी जांच जारी है।
अब विजिलेंस इस पूरे रैकेट की परतें उधेड़ने में जुट गई है, और आने वाले दिनों में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।









