लाडोवाली रोड पर अवैध निर्माण का भंडाफोड़!

विधायक की दबंगई से खड़ी हुई 5 मंज़िला इमारत, अब चलेगा बुलडोज़र

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जालंधर: लाडोवाली रोड स्थित रणजीत नगर में अवैध रूप से बनाए जा रहे शोरूम के खिलाफ आखिरकार नगर निगम ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम के एमटीपी इकबालप्रीत सिंह रंधावा ने पुष्टि की है कि इस इमारत के मालिक मंडी दे लाला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश कर दी गई है और जल्द ही अवैध निर्माण पर पीला पंजा भी चलाया जाएगा।

इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि इलाके के विधायक ने दो बार अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए शोरूम की सील तोड़वाई और मालिक को निर्माण कार्य शुरू करने की इजाज़त दी। टीन की आड़ में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था, लेकिन जैसे ही मामला निगम के संज्ञान में आया, तुरंत कार्रवाई के आदेश दे दिए गए।

एमटीपी रंधावा ने बताया कि मंडी दे लाला के खिलाफ जल्द ही मामला दर्ज किया जाएगा और शोरूम को भी पूरी तरह गिरा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जालंधर शहर में अन्य अवैध इमारतों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। इनमें रामा मंडी, नाज सिनेमा, फुटबॉल चौक और कपूरथला चौक के नजदीक की इमारतें शामिल हैं।

रामा मंडी में पांच मंजिला इमारत भी सवालों के घेरे में
विधायक रमन अरोड़ा पर एक और गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि उन्होंने एक इमारत के मालिक से मिलीभगत कर उसे पांच मंजिल बनाने की इजाज़त दे दी, जबकि नियमों के अनुसार यह अवैध है। इस इमारत को निगम द्वारा तीन बार सील किया गया, लेकिन हर बार मोटी रिश्वत लेकर सील तोड़ दी गई। तीसरी मंजिल का निर्माण शुरू होते ही निगम ने दो नोटिस भेजे और एक बार फिर सील की, लेकिन विधायक के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।

निगम ने इस इमारत के खिलाफ डिमोलिशन नोटिस नंबर 1 SPL 26-1-2024 भी जारी किया और एफआईआर की सिफारिश की, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट ने इमारत के मालिक को नोटिस भी भेजा था, जिसे उसने नजरअंदाज कर दिया।

चाइना डोर के डर से पतंग कारोबारियों ने किया माल नष्ट
इसी दौरान शेख बाज़ार के पतंग कारोबारियों ने विधायक की गिरफ्तारी की आशंका के चलते बड़ी मात्रा में चाइना डोर का स्टॉक भी नष्ट करवा दिया। सूत्रों के मुताबिक, यह माल शहर से बाहर फेंक दिया गया और कच्चा माल दिल्ली की एक फैक्ट्री में भिजवाया गया। पुलिस द्वारा छापेमारी की खबर मिलने के बाद कारोबारी बंधुओं ने खुद ही सारा स्टॉक खत्म करवा दिया, ताकि पुलिस कार्रवाई से बचा जा सके।

बताया जा रहा है कि चाइना डोर की इस खेप की कीमत करोड़ों में थी, जो अब पूरी तरह गायब कर दी गई है।

नगर निगम और पुलिस की कार्रवाई अब पूरे शहर में तेज हो सकती है, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप इस पर कितना असर डालेगा, यह देखना बाकी है।

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