चन्नी गुट को डाउन करने के लिए राजा वड़िंग और रंधावा ने खेला मास्टरस्ट्रोक
चन्नी के लिए अब जालंधर में भी राह मुश्किल
#Hashtag Netagiri Political punch
जालंधर: तकरीबन एक साल बाद पूर्व विधायक विक्रमजीत चौधरी की कांग्रेस में दमदार वापसी हो गई है। यह वही विक्रमजीत चौधरी हैं, जिन्होंने कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी को भर भरकर गालियाँ दी थीं और उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के साथ-साथ यौन शोषण के आरोप भी लगाए थे। उस समय पार्टी के सीनियर नेताओं और पंजाब प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने विक्रमजीत चौधरी को पार्टी से सस्पेंड कर दिया था।
मगर महज़ एक साल बाद ही पार्टी के सारे नियम और कायदे ताक पर रख दिए गए। जिस प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें सस्पेंड किया था, वही अब हार लेकर विक्रमजीत चौधरी को मनाने पहुंच गए।

जनता को पूरी तरह से बेवकूफ बनाने वाली राजनीति।
विक्रमजीत चौधरी की वापसी जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के मुंह पर करारा तमाचा है। यह भी स्पष्ट करता है कि पंजाब कांग्रेस कई गुटों में बंट चुकी है। चन्नी ने कड़वाल को कांग्रेस में शामिल कर बढ़त हासिल की थी, तो अब उनके धुर विरोधी राजा वड़िंग और सुखजिंदर रंधावा ने विक्रमजीत चौधरी की वापसी करवा कर अपने गुट को मजबूत कर लिया है।
इस घटनाक्रम से चन्नी की जालंधर में राजनीति और भी कमजोर हो गई है। चन्नी पहले ही लोगों से दूरी बनाने के कारण जालंधर में अपनी साख खो रहे हैं, और अब विधानसभा क्षेत्रों में भी उनकी घेराबंदी शुरू हो चुकी है। यह आने वाले समय में उनकी राजनीतिक जमीन को और कमजोर कर सकता है।









