पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह पटियाला पहुंचे, जहां भारतीय किसान यूनियन (उग्रहां) से जुड़े किसानों ने उनका विरोध किया। इस दौरान किसानों और मंत्री के बीच विचार-विमर्श हुआ, जो बाद में तीखी बहस में बदल गया। बहस के दौरान मंत्री ने किसानों से कहा, “तुम लोग मेरे से अक्ल की दवाई ले लो”, जिस पर किसानों ने कड़ा ऐतराज़ जताया।
दरअसल, बातचीत के दौरान जब मंत्री बलबीर सिंह ने दिल्ली आंदोलन का जिक्र करते हुए पूछा कि लाल किले पर कौन गया था, तो किसानों ने जवाब दिया कि उग्रहां यूनियन का कोई भी सदस्य वहां नहीं गया था। इसके बाद किसानों ने अपनी 18 मांगों का मुद्दा उठाया और बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठक भी हो चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
किसानों ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले हमसे 26 झोने (कृषि उपकरण) लिए गए, बाद में मंडियों में हमें दर-दर भटकाया गया और कटौती भी की गई, लेकिन सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। जब किसान BBMB (ਭਾਖੜਾ ਬੀਅਸ ਮੈਨੇਜਮੈਂਟ ਬੋਰਡ) के मुद्दे पर धरना देते हैं तो उन पर लाठीचार्ज होता है, लेकिन अब सरकार खुद धरना दे रही है। क्या किसानों को अपना हक़ मांगने का अधिकार नहीं?
बातचीत के दौरान जब एक किसान ने कहा कि उग्रहां संगठन का कोई भी व्यक्ति लाल किले नहीं गया था, तो मंत्री ने गुस्से में पूछा कि वह कितने दिन आंदोलन में बैठा था। इसके बाद मंत्री के लहज़े में तल्ख़ी आ गई, जिस पर वहां मौजूद किसानों ने विरोध जताया और जोरदार नारेबाज़ी की।
मंत्री ने नाराज़गी में कहा, “तुम लोग तो बस यही करना जानते हो, तुम लोग पंजाब को बर्बाद कर दोगे। तुम मेरे से अक्ल की दवाई ले लो।” उनके इस बयान से किसानों का गुस्सा और भड़क गया और उन्होंने मंत्री के खिलाफ ज़बरदस्त नारेबाज़ी की।
इस घटना ने पंजाब की राजनीति में एक बार फिर किसानों और सरकार के बीच टकराव को उजागर कर दिया है।









